YouTube History in Hindi | यूट्यूब की पूरी कहानी

YouTube History in Hindi | YouTube Ki Kahani | YouTube Indian history in Hindi | YouTube success story | यूट्यूब की कहानी | यूट्यूब की पूरी कहानी दोस्तों इस पोस्ट में यू ट्यूब को लेकर आपके मन में जीतने सारे सवाल थे हर सवाल का जवाब पूरी तरह से देने के लिए कोशीश किया गया है | आशा रखता हूँ इस लेखन को पढ़ के आप जरूर आनंद ले पाएंगे |

हम सभी जानते हैं कि यू ट्यूब दुनिया का सबसे सक्सेसफुल वीडियो शेयरिंग माध्यम है, और यू ट्यूब के इस सक्सेस का क्रेडिट हमेशा गूगल को ही दिया जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यू ट्यूब को असल में गूगल ने नहीं बल्कि तीन यंग लड़कों ने मिलकर बनाया था।

जबकि गूगल ने अक्टूबर 2006 में यू ट्यूब को 1.6 बिलियन डॉलर्स की रकम में उन लड़कों से खरीद लिया था। तो आज के इस वीडियो में हम जानेंगे कि यू ट्यूब को क्रिएट करने वाली वो तीन लड़का फिर कौन थी। उन्होंने यू ट्यूब को किस तरह और क्यों बनाया था और यू ट्यूब को सेल करने के बाद आज वो तीन लड़का कहां पर है तो इस पोस्ट को आगे पढ़ें आपको इस विषय की सारी जानकारी मिल जाएगी।

Jawed Karim जावेद करीम/ Founder of YouTube

दोस्तो सबसे पहले बात करते हैं। जावेद करीम की जो कि यू ट्यूब के तीनों क्रिएटर्स में से सबसे छोटे थे। जावेद का जन्म 5 अक्टूबर 1979 को जर्मनी के मार्सबर्ग टाउन में हुआ था। उनके पिता बांग्लादेशी और मां जर्मन मूल की थी और वे दोनों ही रिसर्चर्स के रूप में काम करते थे। जहां पिता नईमुल करीम क्रीम कंपनी में रिसर्चर थे तो वहीं मां क्रिस्टीन यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा में बायोकेमिस्ट्री की रिसर्चर थीं।

जावेद जब बहुत छोटे थे तभी उनकी फैमिली मेंबर को छोड़कर वेस्ट जर्मनी के नौवें शहर में शिफ्ट हो गई थी और फिर इसी शहर में उन्होंने अपने बचपन का ज्यादातर समय बिताया। हालांकि उनकी उम्र जब 12 साल हुई तो उनकी फैमिली फिर से आके मिनिसोटा के सेंट पॉल शहर में शिफ्ट हो गई। जावेद ने अपनी स्कूल की पढ़ाई इसी शहर में पूरी की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने यूनिवर्सिटियों इलिनॉय में एडमिशन ले लिया।

लेकिन पेपल कंपनी में जॉब मिलने के चलते उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने से पहले ही कैम्पस को छोड़ दिया। हालांकि कैंपस छोड़ने के बाद भी उन्होंने डिस्टेंस लेवल से पढ़ाई को जारी रखा और जॉब करते हुए ही उन्होंने अपनी बैचलर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उसने पेपल कंपनी में दो कलीग्स के साथ उनकी दोस्ती हुई और उन्हीं दोनों के साथ मिलकर उन्होंने यू यूट्यूब को क्रिएट किया था।

यूट्यूब का संस्थापक कौन है?

YouTube एक अमेरिकी ऑनलाइन वीडियो शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म है जिसका मुख्यालय सैन ब्रूनो, कैलिफ़ोर्निया में है। इस सेवा का निर्माण फरवरी 2005 में तीन पूर्व PayPal कर्मचारियों – जावेद करीम, स्टीव चेन और चाड हार्ले द्वारा किया गया था। Google ने नवंबर 2006 में इस साइट को 1.65 बिलियन अमरीकी डालर में खरीदा था, YouTube अब Google की सहायक कंपनी के रूप में काम कर रहा है।

यूट्यूब बनाने का विचार कहां से आया?/ यूट्यूब क्यों बनाया?

जावेद से जब यू ट्यूब को बनाने के पीछे का रीजन पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे इंटरनेट पर अपनी पसंद के विडियोज नहीं देख पाते थे और उनकी इसी प्रोब्लम ने उन्हें यू ट्यूब बनाने के लिए इंस्पायर किया था।

YouTube का सीईओ (CEO) कौन है?

Susan Diane Wojcicki एक पोलिश-अमेरिकी टेक्‍नोलॉजी कार्यकारी है। वह फरवरी 2014 से YouTube के CEO हैं। Wojcicki Google की स्थापना में शामिल थे, और 1999 में Google के पहले मार्केटिंग मैनेजर बने।

YouTube कब बना था ?/ YouTube History in Hindi

14 फ़रवरी 2005, सैन Mateo, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका में बनाया गया था। जिसमे 23 अप्रैल 2005 को पहली विडियो अपलोड की थी।

भारत में यूट्यूब कब आया

23 अप्रैल 2005 में जावेद ने यू ट्यूब पर पहली विडियो अपलोड की जिसका टाइटल था Me at the zoo. उसके बाद गूगल ने यू ट्यूब को 7 मई 2008 में भारत में लॉन्च कर दिया।

YouTube कब लांच हुआ था ? / यूट्यूब किसने बनाया था?

2005 की शुरुआत में जावेद ने अपने दोस्तों चाड हर्ले और स्टीव चैन के साथ मिलकर यू ट्यूब डॉट कॉम डोमेन खरीदा और अगले कुछ ही महीनों में उन्होंने इस वेबसाइट को पूरी तरह तैयार कर दिया। वेबसाइट बन जाने के बाद 23 अप्रैल 2005 में जावेद ने यू ट्यूब पर पहली विडियो अपलोड की जिसका टाइटल था Me at the zoo.

Youtube का पहला वीडियो

Me at the zoo इस विडियो को यूट्यूब के को-फाउंडर जावेद करीम ने 23 अप्रैल 2005 को अपलोड किया था। यह विडियो सिर्फ 18 सेकंड लंबा था। इस विडियो को जावेद के दोस्त याकोव लापित्स्की ने रिकॉर्ड किया था।

आपमें से काफी लोगों ने यह विडियो देखी भी होगी और आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उस विडियो में जो लड़का नजर आ रहा है, वह असल में जावेद करीमी है। जिसे जावेद ने यूट्यूब के विकास में बहुत अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन फिर अचानक उन्होंने यूट्यूब से किनारा कर लिया।

दरअसल, उस समय उन्हें उद्यमिता की तुलना में पढ़ाई में ज्यादा दिलचस्पी थी क्योंकि वह शिक्षा से प्रोफेसर बनना चाहते थे। वर्ष 2006 में जब Google ने YouTube का अधिग्रहण किया, तो वह केवल अपनी पढ़ाई के लिए YouTube का कर्मचारी नहीं बन गया, बल्कि केवल एक अनौपचारिक सलाहकार बन गया।

हालांकि बाद में उन्होंने खुद यह एडमिट किया कि यू ट्यूब को छोड़ने का उनका फैसला गलत था क्योंकि उनके इसी फैसले की वजह से कंपनी में उनकी हिस्सेदारी कम हो गई थी।

असल में तो गूगल ने जब यू ट्यूब को एक्वायर किया तो जावेद के हिस्से में गूगल के 13743 शेयर्स आए जिनकी उस समय वैल्यू 65 मिलियन डॉलर्स के आसपास थी। अगर जावेद शेयर्स को शेयर्स को ना ले कर और यू ट्यूब से जुड़े रहते तो आज शायद वो बिलेनियर होते लेकिन उन्होंने पढ़ाई के लिए एक अलग ही रास्ता चुना।

जहां यू ट्यूब को छोड़ने के बाद पहले उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर किया और फिर दो लोगों ने साथ मिलकर वाई वेंचर्स नाम की कंपनी शुरू की जो नई स्टार्टअप्स को मेंटरशिप गाइडेंस और कंसल्टिंग प्रोवाइड करती थी और दोस्तों आज भी वे उसी कंपनी को चला रहे हैं।

Chad Hurley चाड हार्ल/ Founder of YouTube

बात करते हैं यू ट्यूब के दूसरे फाउंडर चैट हर्ले के बारे में। दोस्तो Chad Hurley ली का जन्म 24 जनवरी 1977 को अमेरिका के रेडिंग शहर में हुआ था। Chad Hurley बचपन से ही आर्ट्स में काफी ज्यादा दिलचस्पी थी, जिसके चलते स्कूल के समय से उन्होंने अपनी इस गेजेट्स और आर्ट works को सेल करना शुरू कर दिया था। लेकिन जब वो हाई स्कूल में पहुंचे तो आर्ट्स के साथ साथ उनका इंट्रेस्ट कंप्यूटर और टेक्नॉलजी में बढ़ने लगा और हाईस्कूल के दौरान ही वे टेक्नॉलजी स्टूडेंट असोसिएशन के मेम्बर बन गए।

इसके अलावा उन्हें रनिंग में भी काफी दिलचस्पी थी और इस सपोर्ट में उन्होंने 1992 और 94 के दौरान स्टेट टाइटल जीते थे। दोस्तो इस स्कूल कंप्लीट करने के बाद Chad Hurley ने इंडियाना यूनिवर्सिटी और पेंसिलवेनिया से फाइन आर्ट्स में बीए किया और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी होने के बाद जावेद करीम की तरह ही उन्हें भी पेपल में जॉब मिल गई।

जहां वे पेपल के यूजर इंटरफेस और लोगो डिजाइनिंग का काम करते थे और जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि पेपल कंपनी में Chad की मुलाकात दो लोगों से हुई थी और फिर तीनों ने ही मिलकर youtube को डेवलप किया था। दोस्तो यू ट्यूब को फाउंड करने के बाद Chad इस कंपनी के पहले सीईओ बनाए गए। हालांकि उस वक्त उनका काम सिर्फ यू ट्यूब के शेयरिंग फीचर को मैनेज करना था।

इसके बाद अक्टूबर 2 हज़ार 6 में जब गूगल ने यू ट्यूब को एक्वायर किया तो चैट ने कंपनी को एकदम से क्विट नहीं किया बल्कि वे 2010 के अंत तक यू ट्यूब के सीईओ का पद संभाले रहे और यू ट्यूब से जुड़े रहने का उन्हें फायदा ये हुआ कि यू ट्यूब के बिकने पर उनके हिस्से में सबसे बड़ी रकम आई। 2010 में यू ट्यूब को सेल करने के बदले में चैड को गूगल के 694087 शेयर्स डायरेक्टली और 41232 शेयर्स एक ट्रस्ट के जरिए प्राप्त हुए थे।

उस समय इन शेयर्स की कुल वैल्यू 346 मिलियन डॉलर्स थी जो कि जावेद करीम के हिस्से में आए 65 मिलियन डॉलर्स के पाँच गुना से भी ज्यादा थी। इसके बाद उसने अक्टूबर 2010 में Chad ने यू ट्यूब के सीईओ पद से रिजाइन कर दिया। जिसके बाद उन्होंने यू ट्यूब के तीसरे पार्टनर स्टीव जैन के साथ मिलकर AVOS Systems नाम की टेक कंपनी शुरू की। दरअसल यह एक इनक्यूबेटर कंपनी थी जो डेवलपर्स को रीयल टाइम में अपनी किसी डेवलपिंग और टेस्टिंग की सर्विस देती थी। हालांकि इस कंपनी ने कई अलग

अलग अप्लीकेशंस बनाए, लेकिन उन सभी में Chad की नजर हमेशा एक ही कंपनी पर टिकी रही जिसका नाम था MIXBIT। लेकिन दोस्तों के काफी कोशिश करने के बाद भी MIXBIT यू ट्यूब के जैसी सक्सेस हासिल नहीं कर पाई और 2018 में BlueJeans नाम की एक कंपनी ने MIXBIT को एक्वायर कर लिया। इसके अलावा Chad ने कई अलग अलग तरह के स्पोर्ट्स जैसे फॉर्मूला वन रेसिंग NBA और फुटबॉल टीम में अपना पैसा इन्वेस्ट किया, जहां वो NBA की गोल्डन स्टेट वॉरियर्स टीम और मेजर लीग सॉकर में खेलने वाले लॉस एंजलिस फुटबॉल क्लब के पार्ट owner है। खैर, ये तो वही यूट्यूब के दूसरे फाउंडर Chad की बात चली।

YouTube Play Button कब और कैसे मिलता है? सम्पूर्ण जानकारी

Steve Chen स्टीव चेन/ Founder of YouTube

अब यू ट्यूब के तीसरे और आखिरी फाउंडर Steve Chen के बारे में जानते बूझते। Steve Chen का जन्म 25 अगस्त 1978 को ताइवान के ताइपे शहर में हुआ था। उन्होंने अपनी ज़िन्दगी के शुरुवाती आठ साल इसी शहर में रहकर बिताए। जिसके बाद उनकी फैमिली अमेरिका के प्रॉस्पेक्ट हाइट्स सिटी में शिफ्ट हो गई। Steve Chen ने अपनी स्कूली पढ़ाई इसी शहर के लोकेल स्कूल में पूरी की थी और उसके बाद उन्होंने Jawed Karim तरह ही कंप्यूटर साइंस के स्टडी के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय में एडमिशन ले लिया था।

साल 2002 में यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें पेपल में नौकरी मिल गई। जहां जॉब करते वक्त उनकी जान पहचान Jawed व Chad के साथ हुई और आगे की कहानी तो आप जानते ही हैं कि किस तरह इन तीनों ने मिलकर Youtube को क्रिएट कर दिया। हालांकि स्टीव की कहानी Jawed और Chad से थोड़ी डिफरेंट भी है, क्योंकि उन्होंने यूट्यूब को बनाने से पहले कुछ महीने फेसबुक के लिए भी काम किया था और यूट्यूब की अगर बात करें तो उसमें स्टीव को चीफ टेक्नॉलजी अफसर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जहां उनका मेन काम यू ट्यूब के ट्रैफिक को मैनेज करना था।

2006 में जब गूगल ने Youtube को खरीदा तो उसके बदले में गूगल के 625366 शेयर डाइरेक्टली और 68721 शेयर एक ट्रस्ट के जरिये Steve के हिस्से में आए जिनकी उस वक्त कीमत 325 मिलियन डॉलर के आसपास थी, अव उन्हीं शेयर्स की वैल्यू वन पॉइंट सेवन एक बिलियन डॉलर हो चुकी है,

2009 तक अपने पद को संभाले रखे और 2009 में यू ट्यूब को छोड़ने के बाद वे गूगल के लिए काम करने लगे। लेकिन 2011 में उन्होंने गूगल की जॉब को भी छोड़ दिया क्योंकि उस समय वो Chad के साथ मिल कर अपनी खुद की कंपनी एवं सिस्टम शुरू करने का मन बना चुके थे।

Chad के वीडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म MIXBIT में कोई दिलचस्पी नहीं थी। इसलिए वे MIXBIT से हमेशा दूर ही रहे थे। यहां तक कि जब Chad ने AVOS Systems को मिक्स बिट के साथ जोड़ने की कोशिश की तो Steve ने उस कंपनी को ही छोड़ दिया। इस तरह एक तरफ Chad मिक्स बिट में बिजी हो गए। वही दूसरी तरफ स्टीव ने वापस गूगल वेंचर्स कंपनी को ज्वाइन कर लिया जो कि नई स्टार्टअप्स में इन्वेस्ट करने और उन्हें फाइनेंशियल सपोर्ट देने का काम करती है।

इसके अलावा साल 2016 में Steve ने NOM.COM नाम की एक वेबसाइट को भी लॉन्च किया था, जो कि एक लाइव स्ट्रीमिंग नेटवर्क था। लेकिन स्टीव का ये नया वीडियो शेयरिंग नेटवर्क लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आया। जिसके चलते लॉन्च होने के सिर्फ एक साल बाद ही इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद अगस्त 2019 में स्टीव अपनी पूरी फैमिली के साथ अमेरिका को छोड़कर वापस ताइवान शिफ्ट हो गए और तब से लेकर आज तक वे वही पर अपना जीवन बिता रहे हैं।

तो दोस्तो ये थी कहानी उन तीन लोगों की जिन्होंने दुनिया को यू ट्यूब के रूप में एक नायाब तोहफा दिया। आज उनके द्वारा बनाया गया ये वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म न सिर्फ लोगों को एंटरटेन करता है बल्कि साथ ही यह एजुकेशन का एक अहम मीडियम बन चुका है । और दोस्तों इतना ही नहीं आज यूट्यूब लोगों के लिए रोजगार का एक जरिया माना जाता है। उम्मीद करते हैं आपको इनकी लाइव स्टोरी इंस्पायरिंग ज़रूर लगी होगी। आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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